ishantbhandari2020

Ishant Bhandari

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बचपन से हि शौक था अच्छा इंसान बनने का, बचपन खतम शौक खतम अब जैसी दुनिया वैसे हम।
रूठती हमेशा खुशियां ही है दुखों के कहा इतने नखरे होते हैं
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